अब तेरा परदे में छुपना मुश्किल है।
अपने आगे दरपन रखना मुश्किल है॥
तुमने मुझको इतना डरा दिया मालिक।
अब मेरा तुमसे कुछ डरना मुश्किल है॥
सुख के सौदागर यां हर सूं बसते हैं।
हंसी खुशी से मेरा रहना मुश्किल है॥
हर कोई अपना दो चेहरा रखता है।
जो है अंदर बाहर दिखना मुश्किल है॥
मन माफिक मैं सच्चा ढूढूं मीत कोई।
बाजारू दुनिया में मिलना मुश्किल है॥
रिश्तों का जीवन अब धन तय करते हैं।
क्या बिन धन के रिश्ता निभना मुश्किल है?
ठान लिया हूं चलना मंजिल पाने तक।
अवरोधों से मेरा रुकना मुश्किल है॥
इतना रोये अब तक आंसूं सूख गये।
तेरे गम में आंसू गिरना मुश्किल है॥
ठोकर खाकर जान गया हूं दुनिया को।
झूठे जज्बातों में बहना मुश्किल है॥
बड़े मियां तुम सच्चे मैं तो झूठा हूं।
हूं छोटा तो झूठा वरना मुश्किल है॥
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