हुई है आंख नम मेरी, हृदय ये कंपकंपाता है।
जुबां खामोश है जैसे, बदन ये थरथराता है।
गगन चंदा सितारे सब, विदाई दे रहे रोकर।
बिछड़के अपने लोगों से, हमारा मीत जाता है।
विदाई की घड़ी आयी, सुनाऊं दर्द क्या अपना।
तुम्हारे साथ के लम्हे, वो बीते ज्यों अभी सपना।
अलग थीं मंजिलें अपनी, अलग थे रास्ते सारे।
महज ये मोड़ जीवन का, जहां आकर हुआ मिलना।
कदम चूमें सफलताएं, गले में जीत की माला।
मिलें वो मंजिलें सारी, हृदय में आपने पाला।
संवारे जिंदगी अपनी, वतन का यश बढ़ायें हम।
बने इक आदमी अच्छे, न दामन दाग से काला।
भुला देना गिले शिकवे, खताएं माफ कर देना।
अदावत रंजिशें सारी, हृदय से साफ कर देना।
सफर है जिंदगी अपनी,न जाने हम कहां होगे।
किसी इक मोड़ पर रुककर, हमें भी याद कर लेना।
जुबां खामोश है जैसे, बदन ये थरथराता है।
गगन चंदा सितारे सब, विदाई दे रहे रोकर।
बिछड़के अपने लोगों से, हमारा मीत जाता है।
विदाई की घड़ी आयी, सुनाऊं दर्द क्या अपना।
तुम्हारे साथ के लम्हे, वो बीते ज्यों अभी सपना।
अलग थीं मंजिलें अपनी, अलग थे रास्ते सारे।
महज ये मोड़ जीवन का, जहां आकर हुआ मिलना।
कदम चूमें सफलताएं, गले में जीत की माला।
मिलें वो मंजिलें सारी, हृदय में आपने पाला।
संवारे जिंदगी अपनी, वतन का यश बढ़ायें हम।
बने इक आदमी अच्छे, न दामन दाग से काला।
भुला देना गिले शिकवे, खताएं माफ कर देना।
अदावत रंजिशें सारी, हृदय से साफ कर देना।
सफर है जिंदगी अपनी,न जाने हम कहां होगे।
किसी इक मोड़ पर रुककर, हमें भी याद कर लेना।
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