मैं किसी को रिझाने के लिए नहीं लिखता हूँ।
वो जो मुझसे लिखवाता है वही लिखता हूँ ॥
मैं यह नहीं कहता कि गलत नहीं लिखता हूँ।
बस मैं अपना पूरा सही सही लिखता हूँ॥
लोग समझे न समझे मुझे कोई गिला नहीं।
वो समझता है इसलिये वही लिखता हूँ॥
कल और कल की फिक्र दुनिया करती है।
मैं अब तो बस अभी को अभी लिखता हूँ॥
ये लफ्ज ये हर्फ ये कहन मेरे अपने नहीं हैं।
वो जो इन सब में है बस वही लिखता हूँ॥
©विन्ध्येश्वरी
Monday, 15 March 2021
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